Blood Pressure Kyon
Blood Pressure Kyon
Blood Pressure Kyon
₹225.00
| Author | : | Dr. K.G.S. Chauhan |
| ISBN | : | 978-93-81695-85-2 |
| Edition | : | 1st |
| Year | : | 2016 |
| Size | : | 14×21Cm |
| Publisher | : | Global Academic Publishers & Distributors |
| Price | : | INR 250 |
दो शब्द
रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) रक्तवाहिनियों में बहते रक्त द्वारा वाहिनियों की दीवारों पर द्वारा डाले गए दबाव को कहते हैं। धमनियाँ वह नलिका है जो पम्प करनेवाले हृदय से रक्त को शरीर के सभी ऊतकों और इन्द्रियों तक ले जाते हैं। हृदय, रक्त को पम्प करके धमनियों में रक्त प्रवाह को विनियमित करता है और इस पर लगनेवाले दबाव को ही रक्तचाप कहते हैं। किसी व्यक्ति की रक्तचाप, सिस्टोलिक/डायास्टोलिक रक्तचाप के रूप में अभिव्यक्त किया जाता है। जैसे कि 120/90 सिस्टोलिक अर्थात ऊपर की संख्या धमनियों में दाब को दर्शाती है। इसमें हृदय की मांसपेशियाँ संकुचित होकर धमनियों में रक्त को पम्प करती हैं। डायालोस्टिक रक्तचाप अर्थात नीचे वाली संख्या धमनियों में उस दाब को दर्शाती है जब संकुचन के बाद हृदय की मांसपेशियाँ शिथिल हो जाती हैं। रक्तचाप हमेशा उस समय अधिक होता है जब हृदय पम्प कर रहा होता है बनिस्बत जब वह शिथिल होता है। सामान्य डायालोस्टिक रक्तचाप पारा के 60 से 80 मि.मी. के बीच होता है। वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार सामान्य रक्तचाप 120/80 होना चाहिए। रक्तचाप को मापने वाले यंत्रा को रक्तचापमापी या स्फाइगनोमैनोमीटर कहते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में हाई-ब्लड प्रेशर और लो-ब्लड प्रेशर की जानकारी दी है जो पाठकों के लिए अवश्य ही लाभकारी सिद्ध होगा।
अनुक्रम…
महत्त्वपूर्ण जानकारी 9
रक्तचाप 13
उच्च रक्तचाप 83
शिरापरक रक्तचाप 105
फुफ्फुसीय रक्तचाप 109

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